अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1. किस प्रकार के मामलों में पुलिस थाने में एफ.आई.आर. (FIR) दर्ज की जा सकती है?
उत्तर: केवल आपराधिक (क्रिमिनल) मामलों में ही पुलिस थाने में एफ.आई.आर. दर्ज की जा सकती है।
प्रश्न 2. क्या हर एफ.आई.आर. दर्ज की जाती है?
उत्तर: नहीं। यदि पुलिस को अपराध के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिलते हैं, तो वह एफ.आई.आर. दर्ज नहीं कर सकती।
प्रश्न 3. क्या एफ.आई.आर. दर्ज होते ही पुलिस हर आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है?
उत्तर: नहीं, पुलिस हर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार नहीं कर सकती, लेकिन यदि जांच के लिए आवश्यक समझे तो उसे हिरासत में ले सकती है (apprehend कर सकती है)।
प्रश्न 4. पुलिस किन लोगों को गिरफ्तार कर सकती है?
उत्तर: पुलिस उस हर आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है जिसने अपराध किया हो।
प्रश्न 5. क्या पुलिस किसी अपराधी को बिना एफ.आई.आर. दर्ज किए गिरफ्तार कर सकती है?
उत्तर: हाँ, यदि पुलिस को विश्वास हो कि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है, तो वह बिना किसी शिकायत के भी उसे गिरफ्तार कर सकती है। पुलिस स्वयं उसके विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कर सकती है, जिसे सुओ मोटो एफ.आई.आर. (Suo Moto FIR) कहते हैं।
प्रश्न 6. किसी आरोपी को इलाका मजिस्ट्रेट (Alaka Magistrate) के समक्ष कब पेश किया जाता है?
उत्तर: गिरफ्तारी के समय से 24 घंटे के भीतर आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना अनिवार्य है (हिरासत में लेने के समय से नहीं – इस पर लोग अक्सर भ्रमित होते हैं)।
प्रश्न 7. क्या गंभीर अपराध में पुलिस गिरफ्तार आरोपी को ज़मानत (Bail) दे सकती है?
उत्तर: नहीं। गिरफ्तारी के बाद केवल न्यायालय को ही गंभीर अपराधों में जमानत देने का अधिकार होता है।
हालांकि, यदि आरोपी apprehension (हिरासत में लिए जाने) के चरण में है और पुलिस उचित समझे, तो उसे पर्सनल रिकग्निज़ेंस बॉन्ड (PR Bond) पर रिहा कर सकती है।
प्रश्न 8. किसी व्यक्ति को कब “गिरफ्तार” कहा जाता है?
उत्तर: जब किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाता है और उसके बाद एफ.आई.आर. दर्ज की जाती है, तब उसे “गिरफ्तार” कहा जाता है।
प्रश्न 9. किस प्रकार की एफ.आई.आर. में पुलिस आरोपी को ज़मानत पर रिहा कर सकती है?
उत्तर: पुलिस केवल उन्हीं मामलों में आरोपी को ज़मानत पर रिहा कर सकती है, जिनमें अपराध जमानती (Bailable) होता है।
प्रश्न 10. क्या पुलिस उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है जिसका नाम एफ.आई.आर. में दर्ज नहीं है?
उत्तर: हाँ, यदि पुलिस को यह विश्वास हो कि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है, तो वह उसे गिरफ्तार कर सकती है — भले ही उसका नाम एफ.आई.आर. में दर्ज न हो।
नोट: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी विशेष मामले में कानूनी सलाह हेतु हमारे विशेषज्ञों से संपर्क करें।
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